नागपुर न्यूज डेस्क: भारत में शिक्षा का अधिकार कानून के तहत 25 प्रतिशत सुरक्षित सीटों पर प्रवेश का इंतजार कर रहे लाभार्थियों के लिए राहत भरी खबर आई है। बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने सुनवाई के दौरान आरटीई प्रवेश के लिए आवेदन की समय-सीमा तीन दिन बढ़ाने का निर्देश दिया है। यह फैसला उन लाभार्थियों के लिए राहत लेकर आया है जो तकनीकी समस्याओं या जानकारी के अभाव के कारण समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे।
मामले की सुनवाई करते हुए जज अनिल किलर और राज वाकोड़े की खंडपीठ ने राज्य सरकार के 12 फरवरी 2026 के सरकारी आदेश की कुछ शर्तों पर आपत्ति जताई। कोर्ट ने कहा कि इन शर्तों में से कुछ बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम और संविधान के अनुच्छेद 14, 21 तथा 21-ए की भावना के अनुरूप नहीं हैं।
अदालत ने बताया कि आरटीई के तहत आवेदन की अंतिम तिथि पहले 10 मार्च तय की गई थी, लेकिन अब ऑनलाइन सिस्टम में बदलाव किए जाने के बाद अभिभावकों को अतिरिक्त समय दिया जाएगा। कोर्ट के निर्देश के अनुसार अब अभिभावक अपने घर से 3 किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकेंगे।
कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि आरटीई नियमों के अनुसार पात्र छात्रों को प्रवेश दिलाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल में आवश्यक तकनीकी बदलाव किए जाएं। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील IJ दामले ने अदालत को आश्वस्त किया कि आदेश की जानकारी तुरंत शिक्षा विभाग तक पहुंचाई जाएगी ताकि इसका तत्काल पालन सुनिश्चित किया जा सके। इस फैसले से उन हजारों परिवारों को उम्मीद मिली है जो अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए आरटीई के तहत अच्छे स्कूलों में प्रवेश का इंतजार कर रहे हैं।