ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के एक स्वर्णिम युग का अंत होने जा रहा है। पिछले 15 वर्षों से अपनी स्टाइलिश बल्लेबाजी और अटूट धैर्य से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम को मजबूती देने वाले अनुभवी ओपनर उस्मान ख्वाजा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को सिडनी टेस्ट से पहले आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ख्वाजा ने भावुक होते हुए बताया कि मौजूदा एशेज सीरीज का सिडनी टेस्ट उनके करियर का आखिरी मुकाबला होगा।
इस घोषणा के साथ ही उस्मान ख्वाजा साल 2026 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले दुनिया के पहले प्रमुख खिलाड़ी बन गए हैं।
डेब्यू से विदाई तक: एक संघर्षपूर्ण सफर
उस्मान ख्वाजा का सफर किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उन्होंने साल 2011 में एशेज सीरीज के दौरान ही अपना टेस्ट डेब्यू किया था। ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले पहले मुस्लिम क्रिकेटर बने, जिसने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की समावेशी संस्कृति में एक नया अध्याय जोड़ा।
उनका करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। दिग्गजों से भरी ऑस्ट्रेलियाई टीम में उन्हें कई बार ड्रॉप किया गया, लेकिन ख्वाजा की खासियत यह रही कि उन्होंने कभी हार नहीं मानी। जब भी उन्हें टीम से बाहर किया गया, उन्होंने घरेलू क्रिकेट (शेफील्ड शील्ड) में रनों का अंबार लगाकर चयनकर्ताओं को अपनी वापसी के लिए मजबूर किया। विशेष रूप से करियर के अंतिम वर्षों में (35 की उम्र के बाद) उन्होंने जो फॉर्म दिखाई, वह उनके करियर का सबसे बेहतरीन दौर साबित हुआ।
आंकड़ों में उस्मान ख्वाजा का कद
ख्वाजा टेस्ट क्रिकेट के सबसे विशेषज्ञ बल्लेबाजों में गिने जाते रहे हैं। उनके करियर के प्रमुख आंकड़े उनकी निरंतरता की गवाही देते हैं:
| फॉर्मेट |
मैच |
रन |
औसत |
शतक/अर्धशतक |
सर्वोच्च स्कोर |
| टेस्ट |
87 |
6206 |
43.39 |
16/28 |
232 |
| वनडे |
40 |
1554 |
42.00 |
2/12 |
104 |
| टी20 |
9 |
241 |
26.77 |
0/1 |
58 |
टेस्ट क्रिकेट में उनका 232 रनों का सर्वोच्च स्कोर उनकी लंबी पारी खेलने की क्षमता को दर्शाता है। वे केवल एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि क्रीज पर एक 'दीवार' की तरह थे, जो नई गेंद के चमक को सोखने और विपक्षी गेंदबाजों को थकाने में माहिर थे।
फ्रेंचाइजी क्रिकेट और वैश्विक पहचान
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा ख्वाजा टी20 लीगों में भी एक जाना-माना नाम रहे हैं। बिग बैश लीग (BBL) में उन्होंने ब्रिस्बेन हीट और सिडनी थंडर्स की कप्तानी और बल्लेबाजी से अमिट छाप छोड़ी, जहाँ उन्होंने 70 मैचों में 2132 रन बनाए।
उनकी प्रतिभा केवल ऑस्ट्रेलिया तक सीमित नहीं रही; उन्होंने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL), वाइटैलिटी ब्लास्ट (इंग्लैंड) और दुनिया की सबसे बड़ी लीग IPL में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। 2016 में उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व वाली राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के लिए अपना आईपीएल डेब्यू किया था।
विरासत और अंतिम विदाई
उस्मान ख्वाजा का सिडनी के मैदान से गहरा नाता है। इसी मैदान पर उन्होंने अपने करियर के कई यादगार शतक जड़े हैं, और अब इसी 'होम ग्राउंड' पर वे अपनी आखिरी पारी खेलेंगे। ख्वाजा की विदाई ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में एक बड़ा शून्य पैदा करेगी, जिसे भरना आने वाले युवा ओपनर्स के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
उनकी शांत शख्सियत, खेल के प्रति सम्मान और विपरीत परिस्थितियों में वापसी करने का उनका जज्बा हमेशा याद रखा जाएगा। क्रिकेट जगत उन्हें एक ऐसे योद्धा के रूप में याद रखेगा जिसने साबित किया कि कड़ी मेहनत और धैर्य से किसी भी शिखर को दोबारा हासिल किया जा सकता है।