दक्षिण लेबनान में जारी सैन्य अभियानों के बीच इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने एक बड़ी सामरिक सफलता हासिल की है। मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 की देर शाम इजरायली सेना ने लेबनान के कंतारा क्षेत्र में अब तक की सबसे लंबी और आधुनिक सुरंग को नष्ट कर दिया। यह धमाका इतना शक्तिशाली था कि इजरायल के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (Geological Survey) ने इसे 'भूकंपीय घटना' के रूप में दर्ज किया, जिसकी गूँज उत्तरी इजरायल और गोलन हाइट्स तक सुनी गई।
ईरानी तकनीक से बनी 'पाताल नगरी'
डिवीजन 36 के जवानों द्वारा खोजी गई यह सुरंग लगभग 2 किलोमीटर लंबी और जमीन से 25 मीटर नीचे ग्रेनाइट की चट्टानों को काटकर बनाई गई थी। आईडीएफ के अनुसार:
- भव्य ढांचा: सुरंग के भीतर 30 से अधिक कमरे थे, जिनमें टाइल्स वाले शॉवर, बिजली के लिए सजावटी लैंप और गलियारों में ईरानी नेताओं की तस्वीरें लगी थीं।
- हथियारों का जखीरा: यहाँ से भारी मात्रा में विस्फोटक, मिसाइलें और रसद बरामद हुई है। कर्नल 'एच' ने बताया कि यह सुरंग हिजबुल्लाह की कुलीन 'राडवान फोर्स' के लिए एक असेंबली पॉइंट (जमावड़ा केंद्र) के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी। इसे नष्ट करने के लिए इजरायल ने 450 टन विस्फोटकों का उपयोग किया।
नेतन्याहू का अगला लक्ष्य: ड्रोन मुक्त सीमा
सुरंग नेटवर्क को ध्वस्त करने के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इजरायल का मिशन अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि "सुरंगों के बाद अब हमारा अगला विशेष प्रोजेक्ट हिजबुल्लाह के ड्रोन (UAV) खतरे को जड़ से मिटाना है।" 17 अप्रैल को हुए अस्थायी युद्धविराम के बावजूद, हिजबुल्लाह के आत्मघाती ड्रोनों ने इजरायली सैनिकों को निशाना बनाया है। नेतन्याहू ने रक्षा मंत्रालय को निर्देश दिया है कि ड्रोन हमलों को रोकने के लिए 'गाजा मॉडल' की तर्ज पर तकनीक और मारक क्षमता का इस्तेमाल किया जाए।
बॉर्डर पर 'येलो लाइन' की चौकसी
इजराइली रक्षा मंत्री काट्ज ने पुष्टि की है कि सेना अब दक्षिणी लेबनान में एक स्थायी 'सुरक्षा बफर जोन' तैयार कर रही है। 'येलो लाइन' (Yellow Line) के पास तैनात इजरायली टुकड़ियां यह सुनिश्चित कर रही हैं कि भविष्य में उत्तरी इजरायल के गांवों पर कोई घुसपैठ न हो सके।