नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर के उप्पलवाड़ी स्थित एक फ्लैट से करीब 7.5 किलो एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बरामद होने के मामले में अब एक सनसनीखेज पहलू सामने आया है। गिरफ्तार आरोपी मजहर अली अकबर अली (30) पर आरोप है कि उसने एक युवती को प्रेम जाल में फंसाकर शादी का झांसा दिया था। बाद में युवती को पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है। चर्चा है कि इसी नाराजगी के बाद आरोपी के ड्रग्स नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारी पुलिस तक पहुंची। हालांकि पुलिस का कहना है कि यह सफलता करीब 15 दिनों तक चले गुप्त ऑपरेशन और निगरानी का परिणाम है।
पुलिस आयुक्त डॉ. रवींद्र कुमार सिंगल ने बताया कि रविवार को उप्पलवाड़ी स्थित एसडीपीएल आश्रय इमारत में छापेमारी कर पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 7.5 किलो एमडी ड्रग्स, दो मोबाइल फोन और एक सोनेट कार समेत कुल 2.37 करोड़ रुपये का माल जब्त किया। इसे नागपुर के इतिहास की सबसे बड़ी ड्रग्स जब्ती कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
जांच में आरोपी ने खुलासा किया कि ड्रग्स की खेप उसे उत्तर प्रदेश के एक तस्कर से मिली थी। पुलिस के अनुसार, यह खेप नई दिल्ली से सड़क मार्ग के जरिए मध्यप्रदेश होते हुए नागपुर पहुंचाई गई थी। मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस की विशेष टीमें उत्तर प्रदेश और नई दिल्ली रवाना की गई हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मजहर अली ने करीब एक साल पहले एसडीपीएल आश्रय इमारत के ए-विंग स्थित फ्लैट नंबर 103 किराए पर लिया था। वह नियमित रूप से वहां आता-जाता था और उसके साथ एक महिला भी रहती थी। आशंका है कि इस फ्लैट का इस्तेमाल ड्रग्स तस्करी के लिए 'सेफ हाउस' और स्थानीय पेडलरों तक माल पहुंचाने के डिलीवरी प्वाइंट के रूप में किया जाता था।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, कुछ दिन पहले आरोपी ने सेंट्रल एवेन्यू इलाके से ड्रग्स की खेप प्राप्त की थी और उसे एमएच-24 बीएल-9950 नंबर की कार से उप्पलवाड़ी स्थित फ्लैट तक पहुंचाकर छिपा दिया था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।