नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर के गिट्टीखदान इलाके में 14 वर्षीय अथर्व दिलीप नन्नोरे के अपहरण और हत्या मामले ने सभी को झकझोर दिया है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि यह वारदात पैसों के लालच में रची गई थी। इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जो पीड़ित परिवार को पहले से जानते थे।
पुलिस के अनुसार, जयराम गोपाल यादव, केतन उर्फ कुणाल रमेश साहू और आयुष मोहन साहू सब्जी बेचने का काम करते थे और अक्सर अथर्व के पिता से संपर्क में रहते थे। उन्हें इस बात की जानकारी थी कि परिवार का कारोबार अच्छा है और इसी आधार पर उन्होंने बच्चे का अपहरण कर फिरौती मांगने की योजना बनाई।
घटना वाले दिन, हनुमान जयंती के मौके पर जब अथर्व घर से बाहर निकला, तभी उसे बहला-फुसलाकर एक वाहन तक ले जाया गया। वहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया और शोर रोकने के लिए उसका मुंह बांध दिया। हालांकि, इलाके में अचानक हलचल बढ़ने से आरोपी घबरा गए और अपनी योजना बदलते हुए बच्चे की गला दबाकर हत्या कर दी।
जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक संदिग्ध वाहन नजर आया। इसी सुराग के आधार पर एक आरोपी को हिरासत में लिया गया, जिसने पूछताछ में पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया। इसके बाद बाकी दोनों आरोपियों को भी पकड़ लिया गया।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को सुनसान जगह पर फेंक दिया और गाड़ी को साफ कर सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने इस पूरे मामले का पर्दाफाश करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।