नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में बुधवार रात हुई बेमौसम बारिश ने एक बार फिर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। AMRUT 2.0 योजना के तहत सीवर लाइन और पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने से हालात बिगड़ गए हैं। खासकर बेलतरोडी रोड के राजर्षि नगर इलाके में सड़कें बदहाल हो चुकी हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले करीब चार महीनों से यहां लगातार खुदाई का काम चल रहा है। पहले अंडरग्राउंड पाइपलाइन के लिए सड़क खोदी गई और उसे ठीक नहीं किया गया, फिर ड्रेनेज लाइन के लिए दोबारा खुदाई कर दी गई। बारिश के बाद यह सड़क पूरी तरह कीचड़ और पानी से भर गई है, जिससे न वाहन चल पा रहे हैं और न ही पैदल चलना सुरक्षित रह गया है।
निवासियों का कहना है कि गड्ढों, ढीली मिट्टी और जमा पानी के कारण वे घरों में ही कैद होकर रह गए हैं। उनका आरोप है कि समस्या के समाधान की बजाय हालात और खराब कर दिए गए हैं। इससे पहले भी नगर निगम द्वारा ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया जा चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा है।
स्थानीय जनप्रतिनिधि ने देरी की वजह मजदूरों की कमी और बारिश को बताया है और जल्द काम पूरा करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, लोगों का कहना है कि हर बार सिर्फ वादे किए जाते हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रहती है। मानसून के नजदीक आते ही लोगों की चिंता और बढ़ गई है कि अगर समय रहते सड़कें ठीक नहीं हुईं तो हादसों का खतरा और बढ़ सकता है।