नागपुर न्यूज डेस्क: एडवांटेज विदर्भ 2026 मंच से अदाणी ग्रुप के निदेशक जीत अदाणी ने कहा कि विदर्भ अब केवल संभावनाओं तक सीमित क्षेत्र नहीं रहा, बल्कि यह भारत के दीर्घकालिक विकास की एक मजबूत धुरी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सशक्त नेतृत्व, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकार–उद्योग की प्रभावी साझेदारी ने विदर्भ को नए आर्थिक युग में प्रवेश दिलाया है।
जीत अदाणी ने विदर्भ की ऐतिहासिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र प्राचीन काल से ज्ञान, संस्कृति और साहस का केंद्र रहा है। मध्य प्रांतों की राजधानी रहा नागपुर आज देश के भौगोलिक केंद्र के रूप में लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, विमानन और टेक्नोलॉजी के उभरते हब के तौर पर अपनी नई भूमिका निभा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र को नई गति मिल रही है।
उन्होंने कहा कि विदर्भ में हो रहा यह बदलाव अचानक नहीं है, बल्कि वर्षों की दूरदर्शी नीतियों और निरंतर नेतृत्व का परिणाम है। इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में किए गए निवेश ने न केवल क्षेत्रीय संतुलन को मजबूत किया है, बल्कि उद्योगों के लिए भी विदर्भ को एक भरोसेमंद गंतव्य बनाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रयासों की सराहना करते हुए जीत अदाणी ने कहा कि उनके विकासोन्मुख दृष्टिकोण ने विदर्भ को निवेश और नवाचार के केंद्र में ला खड़ा किया है। आज विदर्भ को उसकी संभावनाओं से नहीं, बल्कि उसकी तेज़ होती प्रगति और उपलब्धियों से पहचाना जा रहा है।