नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर जिले के एक सुदूर गांव में स्थित जर्जर स्कूल को युवाओं की पहल से नया जीवन मिल गया। हिंगना तहसील के आदिवासी बहुल नागाझरी गांव में संचालित जिला परिषद स्कूल अब अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस आकर्षक शिक्षण केंद्र में बदल चुका है। यहां कक्षा 1 से 8 तक के 95 छात्र-छात्राएं, आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों सहित, पढ़ाई कर रहे हैं।
यह परिवर्तन नागपुर राउंड टेबल 83 (NRT-83) के युवा उद्यमियों की अगुवाई में क्राउडफंडिंग के जरिए संभव हुआ। संस्था के चेयरमैन प्रतीक मिनोचा ने बताया कि पुरानी और जर्जर इमारत को ध्वस्त कर एक रंगीन, हवादार और आधुनिक भवन तैयार किया गया, जिसमें लगभग 200 विद्यार्थियों के लिए व्यवस्था है। स्कूल में तीन सुसज्जित कक्षाएं, आधुनिक डेस्क, भवन के भीतर ही लड़के-लड़कियों के लिए अलग शौचालय और बच्चों के लिए खेल क्षेत्र बनाया गया है, जिससे स्वच्छता और सुविधाएं बेहतर हुई हैं।
इस परियोजना में गांव के आदिवासी समुदाय ने भी आर्थिक सहयोग दिया, जबकि स्थानीय प्रशासन ने भी समर्थन प्रदान किया। NRT-83 के कार्यान्वयन सहयोगी ब्रिज द गैप फाउंडेशन के साथ मिलकर यह पहल सफल हुई।
नागपुर जिला परिषद के सीईओ विनायक महामुनी ने कहा कि यह उदाहरण दर्शाता है कि सार्वजनिक-निजी साझेदारी से ग्रामीण शिक्षा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। NRT-83 के सचिव ध्रुव शर्मा के अनुसार, परियोजना के पहले चरण पर करीब 40 लाख रुपये खर्च हुए, जो दान, नवाचारी फंडरेजिंग और कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योगदान से जुटाए गए।