नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर के सनमन नगर इलाके में आवारा सांड के हमले का शिकार हुई 64 वर्षीय वंदना देविकार एक महीने बाद भी बिस्तर पर हैं और ऑक्सीजन सपोर्ट पर जीवनयापन कर रही हैं। 27 जनवरी की सुबह करीब 7:30 बजे वह रोज की तरह घर के बाहर झाड़ू लगा रही थीं, तभी अचानक एक सांड ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उनकी कई हड्डियां टूट गईं, पसलियां क्षतिग्रस्त हुईं और गंभीर मस्तिष्क चोट आई।
घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। इसके बाद नागपुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (एनएमसी) के पशु चिकित्सा विभाग ने पिछले एक महीने में क्षेत्र से तीन सांडों को पकड़ा, जिनमें एक को गुरुवार को पकड़ा गया। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि हमले के लिए जिम्मेदार सांड कई हफ्तों तक खुलेआम घूमता रहा, जिससे खासकर बुजुर्गों में भय का माहौल बना रहा।
देविकार को लगभग तीन सप्ताह तक आईसीयू में भर्ती रहना पड़ा और उनकी जटिल ब्रेन सर्जरी की गई। अब परिवार ने घर पर ही ऑक्सीजन और जरूरी चिकित्सीय उपकरणों की व्यवस्था की है। उनकी बहू पूर्वी देविकार ने बताया कि कुछ ही सेकंड में सांड ने उन पर हमला कर बार-बार उछाला, जो बेहद भयावह था। डॉक्टरों ने मस्तिष्क चोट को गंभीर बताया है और पूरी तरह ठीक होने की संभावना अनिश्चित बताई है।
इलाज, सर्जरी और बाद की देखभाल में परिवार लाखों रुपये खर्च कर चुका है। परिवार का आरोप है कि अब तक कोई वरिष्ठ नगर अधिकारी या जनप्रतिनिधि हालचाल जानने नहीं आया। इस घटना ने शहरी क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या और प्रशासनिक लापरवाही को फिर उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद ठोस और स्थायी कदम नहीं उठाए गए।