नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर जिले के एसबीएल (SBL) विस्फोट मामले में एक और दुखद खबर सामने आई है। लगभग दो महीने तक ऑरेंज सिटी अस्पताल में जीवन-मौत से संघर्ष करने वाली दुर्गा गाडगे का आज (4 मई) उपचार के दौरान निधन हो गया। वे इस भीषण विस्फोट में 60 फीसदी झुलस गई थीं। इस त्रासदी में अब मृतकों की कुल संख्या 25 हो गई है, जिनमें से अधिकांश महिला श्रमिक थीं।
यह घटना जिले में चल रहे असुरक्षित औद्योगिक माहौल की बानगी है। पिछले ढाई वर्षों में नागपुर जिले में विस्फोटक निर्माण करने वाली कंपनियों में हुई विभिन्न दुर्घटनाओं में अब तक 47 निर्दोष कामगारों ने अपनी जान गंवाई है। यह आंकड़ा न केवल चिंताजनक है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा मानकों और प्रशासन की लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
इस मामले को लेकर पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि नागपुर, जो 'टाइगर कैपिटल' के रूप में जाना जाता है, अब इन निरंतर हो रही दुर्घटनाओं के कारण 'विस्फोटों की राजधानी' के रूप में पहचाना जाने लगा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
अनिल देशमुख ने प्रशासन की विफलता पर नाराजगी जताते हुए बताया कि उन्होंने 8 सितंबर 2025 को ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जिले के सभी विस्फोटक कारखानों के 'सेफ्टी ऑडिट' करने और जिम्मेदार अधिकारियों व मालिकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। बावजूद इसके, सुरक्षा व्यवस्था में सुधार न होना और लगातार हो रही मौतें सिस्टम की बड़ी लापरवाही को दर्शाती हैं।