नागपुर न्यूज डेस्क: बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में नागपुर शहर की सफाई की स्थिति पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की। न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोड़े की डिवीजन बेंच ने दो प्रमुख मराठी अखबारों में प्रकाशित खबरों का स्वयं संज्ञान लिया, जिसमें शहर की सड़कों पर खुले में पड़े कचरे की समस्या उजागर की गई थी।
अदालत ने कहा कि "साफ नागपुर, सुंदर नागपुर" जैसे लोकप्रिय नारे भले ही दीवारों और होर्डिंग्स पर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि शहर की सड़कों पर कचरा फैला हुआ है। इससे नगरवासियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता पर गंभीर असर पड़ रहा है।
नागपुर नगर निगम (NMC) के पास कचरा संग्रह के लिए वार्षिक 100 करोड़ रुपये का बजट होने के बावजूद समस्या पर काबू पाने में विफल रहा है। अदालत ने इस मामले को सार्वजनिक हित का मसला मानते हुए इसे सुओ मोटु पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) के रूप में दर्ज करने का निर्णय लिया।
अदालत ने वकील YN सांब्रे को अमिकस क्यूरी के रूप में नियुक्त किया और उन्हें 2010 के PIL नियमों के अनुसार उचित याचिका तैयार करने का निर्देश दिया। मामले की सुनवाई 24 फरवरी को होगी, जिसमें नागपुर की सफाई और कचरे की समस्या पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।