नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में मंगलवार सुबह शहरवासियों की चिंता उस वक्त बढ़ गई जब पेट्रोल की कमी की अफवाहों ने अचानक जोर पकड़ लिया। सोमवार रात से फैल रही इन खबरों के चलते लोगों ने घबराकर पेट्रोल भरवाना शुरू कर दिया, जिससे शहरभर में लंबी कतारें लग गईं और कई पेट्रोल पंप सूखने की स्थिति में पहुंचकर बंद हो गए। नागपुर और आसपास के इलाकों में कम से कम 24 पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने के कारण संचालन ठप करना पड़ा।
वाडी, रामेश्वरी, सीआईडी कार्यालय के पास और गोधनी जैसे इलाकों के कई पेट्रोल पंप दिनभर में खाली हो गए। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, सप्ताहांत में ईंधन टैंकर शहर नहीं पहुंच पाए, जिससे सप्लाई प्रभावित हुई। वहीं तेल कंपनियों द्वारा क्रेडिट सप्लाई बंद करने के फैसले ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।
जो पेट्रोल पंप खुले रहे, वहां हालात और ज्यादा बिगड़ गए। भीषण गर्मी में घंटों इंतजार करते लोगों की लंबी लाइनें सड़कों तक फैल गईं, जिससे वर्धा रोड, अमरावती रोड, सीताबुलडी और सदर जैसे प्रमुख इलाकों में भारी जाम लग गया। कई जगहों पर वाहन चालकों को एक-एक घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा, जबकि कुछ को महंगा प्रीमियम पेट्रोल लेने या खाली हाथ लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
भीड़ को संभालने में पंप कर्मचारियों के पसीने छूट गए। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग लाइनें बनाई गईं, लेकिन धैर्य टूटने पर बहस और झड़प की घटनाएं भी सामने आईं। कई लोग अनिश्चितता के चलते लाइन बीच में छोड़कर लौट गए। शाम तक कुछ पंपों पर आंशिक सप्लाई बहाल हुई, लेकिन लंबी कतारें और असमंजस की स्थिति बनी रही।