नागपुर न्यूज डेस्क: असम में सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान दुर्घटना में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर महाराष्ट्र के नागपुर के रहने वाले थे। 28 वर्षीय पुरवेश भारतीय वायुसेना में तैनात थे और पिछले साल पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का भी हिस्सा रहे थे। उनके पिता रविंद्र दुरगकर रेलवे से सेवानिवृत्त ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं।
पुरवेश ने अपनी शुरुआती पढ़ाई नागपुर में ही पूरी की थी। वह पढ़ाई में तेज छात्र थे और स्कूल के गणतंत्र दिवस परेड में भी हिस्सा लेते थे। परिवार के अनुसार वह अविवाहित थे, जबकि उनकी बहन अमेरिका में रहती हैं। भारतीय वायुसेना में शामिल होने के बाद उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाया।
परिवार के मुताबिक, पिछले साल मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर में भी पुरवेश की भूमिका रही थी। उनकी मूल तैनाती असम के तेजपुर में थी, लेकिन उस समय तेजपुर रनवे पर काम चलने के कारण वे जोरहाट एयरबेस से ऑपरेशन कर रहे थे। हादसे से करीब दस दिन पहले पुरवेश अपनी बहन के साथ परिवार के एक समारोह में शामिल होने के लिए घर आए थे।
गुरुवार शाम असम के करबी आंगलोंग जिले में सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह विमान जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरने के कुछ देर बाद प्रशिक्षण उड़ान के दौरान शाम 7:42 बजे रडार से गायब हो गया था। इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर दोनों की मौत हो गई।