नागपुर न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर नागपुर के आसपास स्थित विस्फोटक फैक्ट्रियों में बीते वर्षों में हुए सिलसिलेवार धमाकों पर गंभीर चिंता जताई है।
8 सितंबर 2025 को लिखे गए इस पत्र को देशमुख ने मंगलवार (3 मार्च 2026) को सार्वजनिक किया। यह कदम नागपुर के राउलगांव स्थित SBL एनर्जी में हुए हालिया विस्फोट के दो दिन बाद उठाया गया, जिसमें कम से कम 18 लोगों की मौत हुई और 20 अन्य घायल हो गए।
देशमुख ने अपने पत्र में नागपुर के बाजारगांव इलाके की कम से कम 10 फैक्ट्रियों का जिक्र किया, जिनमें सोलर एक्सप्लोजिव्स इंडस्ट्री लिमिटेड., चामुंडी एक्सप्लोजिव्स और एशियाई फायरवर्क्स शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन इकाइयों में बार-बार सुरक्षा चूक के कारण हादसे हो रहे हैं।
पत्र में कई घटनाओं का उल्लेख किया गया है। 3 सितंबर 2025 को चाकडोह स्थित सोलर एक्सप्लोसिव्स में ऊर्जावान पदार्थों के क्रिस्टलाइजेशन के दौरान विस्फोट में 2 कर्मचारियों की मौत और 8 घायल हुए थे। 6 फरवरी 2026 को कोतवालबर्डी स्थित एशियन फायर वर्क्स में हुए धमाके में 2 श्रमिकों की जान गई। इसके अलावा 17 दिसंबर 2024 को सोलर एक्सप्लोसिव्स में 9 मजदूरों की मौत, धमना स्थित चामुंडी एक्सप्लोसिव्स में 9 मौतें और 12 अगस्त 2023 को इकोनॉमिक्स एक्सप्लोजिव्स लिमिटेड. (सोलर की सहयोगी कंपनी) में 2 कर्मचारियों की मौत का जिक्र भी किया गया है।
देशमुख ने अपने पत्र में पिछले दो वर्षों में 23 मौतों और कई स्थायी दिव्यांगताओं का हवाला देते हुए कहा कि यह सब पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (PESO), डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) और सेंटर फॉर फायर, एक्सप्लोसिव एंड एनवायरमेंट सेफ्टी (CFEES) की निगरानी के बावजूद हो रहा है।
पूर्व गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि ‘विस्फोटक अधिनियम 1884’ और ‘फैक्ट्री अधिनियम 1948’ के तहत व्यापक सुरक्षा ऑडिट के लिए राज्य और केंद्र के समन्वय से एक विशेषज्ञ समिति गठित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।