नागपुर न्यूज डेस्क: चार राज्यों में हुए एमएलसी चुनावों के नतीजों ने बीजेपी और कांग्रेस, दोनों को झटका दिया। कर्नाटक में सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी। वहीं, बीजेपी को नागपुर और वाराणसी जैसी अहम सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। नागपुर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मुख्यालय होने के कारण महत्वपूर्ण माना जाता है, जबकि वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है।
कुल 28 सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी ने 13 सीटें जीतीं और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। उसके सहयोगियों की सीटें मिलाकर एनडीए का आंकड़ा 16 तक पहुंच गया। गठबंधन ने कर्नाटक की सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की, उत्तर प्रदेश में 11 में से छह सीटें जीतीं और बिहार की आठ में से चार सीटों पर कब्जा किया। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति को पांच में से दो सीटें मिलीं, जबकि विपक्षी महा विकास अघाड़ी ने तीन सीटों पर जीत हासिल की।
कांग्रेस को एकमात्र जीत महाराष्ट्र के नागपुर में मिली। यह सीट राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के राजनीतिक प्रभाव वाला क्षेत्र मानी जाती है। वहीं, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट बरकरार रखी। पार्टी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर भी जीत की ओर बढ़ रही थी। सपा ने ये दोनों सीटें 2020 में भी जीती थीं। इन नतीजों के बाद बीजेपी के चुनावी दबदबे को लेकर सवाल उठने लगे।
कांग्रेस की हार पर बीजेपी नेताओं ने कसा तंज
बुधवार को शुरुआती नतीजे आने के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा। खास तौर पर कर्नाटक में एक भी सीट नहीं जीत पाने को लेकर कांग्रेस की आलोचना की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तंज कसते हुए कहा, "अंदाजा लगाइए कि कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं?" उन्होंने इस बात की ओर भी इशारा किया कि चारों राज्यों में मतदान बैलेट पेपर से हुआ था। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब कांग्रेस लगातार ईवीएम को लेकर सवाल उठाती रही है और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करती रही है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बैलेट पेपर से मतदान होने के बावजूद पार्टी जनता का समर्थन हासिल नहीं कर सकी। उन्होंने दावा किया कि लोग कांग्रेस की राजनीति को बार-बार नकार रहे हैं और ईवीएम या बैलेट पेपर, किसी भी तरीके से चुनाव होने पर जनता का भरोसा प्रधानमंत्री मोदी के साथ है। बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर हमला बोला।