नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर के ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल (जीआईआईएस), लावा कैंपस में 31 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक ग्लोबल वन चैंपियनशिप (जी1सी) का आयोजन किया गया। दो दिनों तक चले इस खेल आयोजन में शहर के 75 स्कूलों और कैंपस से करीब 1,300 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस चैंपियनशिप के जरिए युवा खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने के साथ प्रतिस्पर्धा और टीम भावना का प्रदर्शन करने का मौका मिला।
चैंपियनशिप में एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, शतरंज, फुटबॉल, कराटे और टेबल टेनिस सहित सात खेलों के मुकाबले हुए। प्रतियोगिताएं अंडर-10, अंडर-12, अंडर-14 और अंडर-17 वर्ग में आयोजित की गईं। हर आयु वर्ग में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग श्रेणियां रखी गई थीं। नागपुर के युवा खिलाड़ियों ने सभी खेलों में उत्साह के साथ हिस्सा लिया। जीआईआईएस नागपुर ने अपने कैंपस में सातों खेलों के मुकाबले आयोजित किए। स्कूल के 200 विद्यार्थी भी अलग-अलग प्रतियोगिताओं में शामिल हुए। सभी मुकाबले डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अधिकारियों की निगरानी में कराए गए, ताकि प्रतियोगिताएं तय नियमों के अनुसार और व्यवस्थित तरीके से हो सकें।
इस चैंपियनशिप में जीआईआईएस लावा नागपुर, सेंट क्लेरेट स्कूल बुटीबोरी और संजूबा हाई स्कूल के विद्यार्थियों ने भी अपनी प्रतिभा से पहचान बनाई। अपने-अपने खेल वर्ग में पहला स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों को सीधे हैदराबाद में होने वाले ग्रैंड फिनाले के लिए क्वालिफाई करने का मौका मिला है। वहां उन्हें चैंपियनशिप के अगले चरण में दूसरे खिलाड़ियों के साथ मुकाबला करने का अवसर मिलेगा।
जीआईआईएस नागपुर की प्रिंसिपल निधि गुप्ता ने कहा कि स्कूल में ग्लोबल वन चैंपियनशिप की मेजबानी करना खुशी की बात रही। सातों खेलों में युवा खिलाड़ियों का उत्साह और खेल भावना देखने को मिली। उन्होंने कहा कि जीआईआईएस में खेलों को बच्चों के संपूर्ण विकास का अहम हिस्सा माना जाता है, क्योंकि इससे आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम के साथ काम करने की भावना मजबूत होती है। उन्होंने हैदराबाद फाइनल के लिए क्वालिफाई करने वाले सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं भी दीं। वहीं, प्रतियोगिता में शामिल एक विद्यार्थी ने कहा कि जीआईआईएस लावा नागपुर की ओर से आयोजित सभी खेल मुकाबलों में उन्हें काफी मजा आया।
ग्लोबल वन चैंपियनशिप, ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप का प्रमुख खेल आयोजन है। इसका मकसद बच्चों में शारीरिक फिटनेस, टीम भावना और अच्छे गुणों को बढ़ावा देना है। इस आयोजन के जरिए यह संदेश दिया जाता है कि शिक्षा सिर्फ किताबों और पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल भी बच्चों को आत्मविश्वासी और हर क्षेत्र में बेहतर बनने में मदद करते हैं।