नागपुर न्यूज डेस्क: जिस उम्र में ज्यादातर बच्चे खेलों को समझना और उनमें दिलचस्पी लेना शुरू करते हैं, उसी उम्र में नागपुर के छह साल के शतरंज खिलाड़ी आद्विक जयंत सुखदेवे ने अपनी पहचान बना ली है। साल 2019 में जन्मे आद्विक ने फिडे रैपिड रेटिंग में 1,602 अंक हासिल किए हैं। इसके साथ ही वह नागपुर और पूरे विदर्भ क्षेत्र के अंडर-7 वर्ग में सबसे ज्यादा रेटिंग वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
महाराष्ट्र में तीसरा और देश में 11वां स्थान
आद्विक ने अपनी शानदार रेटिंग के दम पर महाराष्ट्र के अंडर-7 खिलाड़ियों में तीसरा स्थान हासिल किया है। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर वह इस वर्ग में 11वें नंबर पर हैं। इतनी कम उम्र में राज्य और देश के स्तर पर अपनी जगह बनाना उनकी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें देश के उभरते हुए युवा शतरंज खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है।
कम उम्र में दिख रही खेल की अच्छी समझ
शतरंज में सिर्फ चाल चलना ही काफी नहीं होता, बल्कि हर कदम पर सोचने, सही रणनीति बनाने और दबाव में शांत रहने की जरूरत होती है। आद्विक ने अपने खेल से दिखाया है कि वह इन बातों को अच्छी तरह समझते हैं। अपनी उम्र के खिलाड़ियों के साथ मुकाबला करते हुए उन्होंने खेल पर अच्छी पकड़ बनाई है और लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
मेहनत और लगन से मिली खास पहचान
आद्विक की इस सफलता के पीछे नियमित अभ्यास, अनुशासन और शतरंज के प्रति उनका लगाव है। हर मुकाबले से कुछ नया सीखने और अपने खेल को बेहतर बनाने की उनकी कोशिश इस उपलब्धि में साफ नजर आती है। उनकी सफलता से परिवार के साथ नागपुर के शतरंज प्रेमियों में भी खुशी है। विदर्भ में अंडर-7 वर्ग में पहला स्थान और महाराष्ट्र व राष्ट्रीय स्तर पर अच्छी रैंकिंग हासिल कर आद्विक ने शहर की उभरती खेल प्रतिभाओं की सूची में अपना नाम जोड़ दिया है। छह साल की उम्र में मिली यह कामयाबी उनके आगे के सफर के लिए एक अच्छी शुरुआत है।