नागपुर न्यूज डेस्क: बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने हाल ही में महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी नागपुर से पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा है। यह याचिका आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए की गई पीएचडी एडमिशन प्रक्रिया से जुड़ी है।
अनिल एल पानसरे और निवेदिता पी मेहता की खंडपीठ ने मामले में नोटिस जारी करते हुए विश्वविद्यालय से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सीटें न देकर सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को प्रवेश दे दिया गया।
याचिकाकर्ता ने बताया कि उसने पीएचडी कार्यक्रम के लिए आवेदन किया था, जिसमें घुमंतू जनजाति-सी (NT-C) वर्ग के लिए एक सीट आरक्षित थी और उसे साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। लेकिन जब अस्थायी रूप से चयनित उम्मीदवारों की सूची जारी हुई तो वह सीट सामान्य वर्ग के एक छात्र को दे दी गई।
याचिका में यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय ने कुल 35 सीटों की अधिसूचना जारी की थी, जिनमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य आरक्षित वर्गों के लिए सीटें तय थीं, लेकिन चयन सूची में इन वर्गों से कोई भी उम्मीदवार नहीं चुना गया। याचिकाकर्ता ने अदालत से चयन सूची को रद्द करने और प्रवेश प्रक्रिया दोबारा कराने का निर्देश देने की मांग की है।