नागपुर न्यूज डेस्क: अन्न एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा कार्यभार संभालने के बाद राज्यभर में मिलावटखोरों और अवैध कारोबारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। दूध डेयरियों, डेयरी उत्पाद निर्माताओं, मेडिकल स्टोरों, होटलों के साथ-साथ गुटखा और तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की गई है। इन अभियानों के चलते नागपुर में गुटखा और खर्रा कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है, लेकिन अवैध सुपारी कारोबार अब भी जारी रहने की खबरें सामने आ रही हैं।
सुपारी कारोबार का बड़ा केंद्र माने जाने वाले नागपुर में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए आयात की गई सुपारी को नए पैकेटों में भरकर बाजार में बेचा जा रहा है। बताया जाता है कि पूरे महाराष्ट्र में एक महीने में जितनी सुपारी की खपत होती है, उतनी अकेले नागपुर जिले में प्रतिदिन बिक जाती है। इस कारोबार से रोजाना करोड़ों रुपये का लेनदेन होने का अनुमान है।
जांच एजेंसियां पहले भी कई बार छापेमारी कर भारी मात्रा में सुपारी जब्त कर चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद यह कारोबार थमता नजर नहीं आ रहा है। जानकारी के अनुसार कुछ कारोबारी पैकिंग बदलकर सुपारी को वैध बताने का प्रयास कर रहे हैं। शहर के कुछ गोदामों में इस तरह की गतिविधियां संगठित तरीके से संचालित होने की आशंका जताई जा रही है।
कुछ समय पहले आयकर विभाग ने नागपुर के बड़े सुपारी कारोबारियों पर कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए थे। वहीं, राजस्व खुफिया एजेंसियां भी कर चोरी कर आयात की जा रही सुपारी के मामलों की जांच करती रही हैं। नागरिकों का मानना है कि यदि राज्य और केंद्र की एजेंसियां मिलकर समन्वित कार्रवाई करें, तो इस अवैध कारोबार के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सकता है और इस काले कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।