नागपुर न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से लोगों को फिलहाल भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने के आसार कम नजर आ रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून हरने-दापोली क्षेत्र तक पहुंच चुका है, लेकिन अनुकूल मौसमीय परिस्थितियां न होने के कारण इसकी आगे की प्रगति रुक गई है।
मुंबई समेत राज्य के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। मुंबई शहर में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक है। वहीं उपनगरीय क्षेत्र सांताक्रूज में तापमान 35.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे लोगों को गर्मी के साथ उमस का भी सामना करना पड़ रहा है।
तटीय इलाकों में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दिया। अलीबाग में 37.2 डिग्री, दहानू में 36.8 डिग्री और रत्नागिरी में 33.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। राज्य का विदर्भ क्षेत्र सबसे अधिक गर्म रहा, जहां अकोला और वर्धा में 43.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। यवतमाल में 43.2 डिग्री, अमरावती में 42.4 डिग्री और नागपुर में 41 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी तापमान 39 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। पुणे में अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक है, जबकि न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अन्य शहरों में जलगांव 41.8 डिग्री, अहिल्यानगर 40 डिग्री, मालेगांव 42.8 डिग्री और छत्रपति संभाजीनगर 39.3 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ गर्मी की चपेट में रहे।
मौसम विभाग के अनुसार कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ में बारिश नहीं हुई है। पुणे में सामान्य 62.3 मिमी वर्षा के मुकाबले अभी तक बारिश का आंकड़ा शून्य रहने से 62.3 मिमी की मौसमी कमी दर्ज की गई है, जिससे किसानों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मजबूत हो रहे एल नीनो प्रभाव के कारण इस वर्ष बारिश का वितरण असमान रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में मानसून देर से पहुंच सकता है और सामान्य से कम वर्षा हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में कम समय में अत्यधिक बारिश देखने को मिल सकती है।
हालांकि IMD ने अगले सप्ताह से महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश शुरू होने की संभावना जताई है। तब तक लोगों को गर्मी और लू जैसी परिस्थितियों से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने, दोपहर में धूप से बचने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।