नागपुर न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र में नागपुर और चंद्रपुर के बीच इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू हो गई है। स्विच मोबिलिटी और पर्पल बस ने मिलकर यह सेवा शुरू की है। 20 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में इसका उद्घाटन किया गया। कंपनी के मुताबिक, विदर्भ क्षेत्र में शुरू हुई यह पहली निजी इलेक्ट्रिक इंटरसिटी बस सेवा है। शुरुआत में इस रूट पर छह इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी।
इस सेवा के लिए स्विच मोबिलिटी की छह ईआईवी12एम इलेक्ट्रिक बसें प्रसन्ना पर्पल मोबिलिटी सॉल्यूशंस को सौंपी गई हैं, जो पर्पल बस ब्रांड के तहत इनका संचालन करेगी। कंपनी ने विदर्भ क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए कुल 50 बसों का ऑर्डर दिया है। फिलहाल छह बसों की पहली खेप शुरू की गई है। बाकी 44 बसें कब तक मिलेंगी, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है।
एक बार चार्ज करने पर 350 किलोमीटर तक चल सकती है बस
स्विच ईआईवी12एम इलेक्ट्रिक कोच को शहरों के बीच लंबी दूरी की यात्रा के लिए तैयार किया गया है। इसमें 45 रिक्लाइनिंग पुशबैक सीटें हैं, ताकि यात्री सफर के दौरान आराम से बैठ सकें। कंपनी के मुताबिक, एक बार चार्ज करने पर यह बस 350 किलोमीटर तक चल सकती है। इसमें फास्ट चार्जिंग की सुविधा भी दी गई है। हालांकि, कंपनी ने बैटरी की क्षमता, चार्जिंग पावर और बस को पूरी तरह चार्ज होने में लगने वाले समय की जानकारी नहीं दी है।
इन बसों में सुरक्षा से जुड़े सिस्टम और स्विच आईओएन कनेक्टेड व्हीकल टेक्नोलॉजी भी दी गई है। इसकी मदद से बस के संचालन पर रियल टाइम में नजर रखी जा सकती है। कंपनी का कहना है कि इन इलेक्ट्रिक कोच को लंबी दूरी और बार-बार चलने वाली इंटरसिटी सेवाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। हालांकि, नागपुर-चंद्रपुर रूट पर चार्जिंग स्टेशन कहां होंगे और बसों का टाइम टेबल क्या रहेगा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
मुंबई-पुणे के बाद विदर्भ में भी बढ़ा इलेक्ट्रिक बसों का नेटवर्क
स्विच मोबिलिटी और पर्पल बस ने इससे पहले अप्रैल 2026 में मुंबई-पुणे रूट पर इलेक्ट्रिक इंटरसिटी बस सेवा शुरू की थी। इसके बाद अक्टूबर में डोंबिवली-पुणे रूट पर भी इलेक्ट्रिक बसें चलाई गईं। अब नागपुर-चंद्रपुर सेवा के साथ दोनों कंपनियों ने विदर्भ क्षेत्र में भी अपनी साझेदारी का विस्तार किया है।
पर्पल बस के मुताबिक, उसकी इलेक्ट्रिक इंटरसिटी बसें अब तक 10 लाख किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय कर चुकी हैं। कंपनी का दावा है कि उसके संचालन से मिले आंकड़ों के अनुसार, डीजल बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक कोच चलाने का कुल खर्च और प्रति यात्री-किलोमीटर लागत कम है। हालांकि, कंपनी ने दोनों तरह की बसों के खर्च का विस्तृत तुलनात्मक आंकड़ा साझा नहीं किया है।
इलेक्ट्रिक बसों से सफर को बेहतर बनाना लक्ष्य
स्विच मोबिलिटी के सीईओ गणेश मणि ने कहा कि नागपुर और चंद्रपुर के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से मजबूत संबंध हैं। इस रूट पर इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करना महाराष्ट्र में आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने कहा कि मुंबई-पुणे रूट पर सेवा शुरू करने के बाद अब विदर्भ में भी इस साझेदारी को आगे बढ़ाया जा रहा है।
वहीं, पर्पल बस के डायरेक्टर सौरभ पाटवर्धन ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य शहरों के बीच यात्रा के लिए इलेक्ट्रिक बसों को आम विकल्प बनाना है। उन्होंने बताया कि मुंबई-पुणे से लेकर नागपुर-चंद्रपुर तक अलग-अलग रूट पर सेवाएं शुरू करके इस दिशा में काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि इनकी लागत डीजल बसों के मुकाबले कम हो सकती है। स्विच मोबिलिटी के साथ साझेदारी से कंपनी को महाराष्ट्र में इलेक्ट्रिक इंटरसिटी बस सेवाओं का विस्तार करने में मदद मिल रही है।