नागपुर न्यूज डेस्क: हैदराबाद के पास तेलंगाना में पुलिस ने नागपुर से जुड़े एक बड़े ड्रग नेटवर्क का खुलासा करते हुए 27 किलो मेफेड्रोन (MD) बरामद किया है। जब्त ड्रग की कीमत करीब 54 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने इसके अलावा ड्रग बनाने में इस्तेमाल होने वाला 40 किलो एसीटोन भी बरामद किया है।
पुलिस के मुताबिक, MD का निर्माण तेलंगाना के कोंडामादुगु स्थित एक लैब में किया जा रहा था। तैयार ड्रग को नागपुर ले जाया जा रहा था। जांच एजेंसियों को शक है कि इस खेप को नागपुर के साथ-साथ विदर्भ के दूसरे इलाकों में भी सप्लाई किया जाना था।
एसयूवी से पकड़ी गई ड्रग की खेप
यह कार्रवाई रविवार को बिबीनगर पुलिस और यादाद्री-भुवनगिरी जिले की स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT) ने संयुक्त रूप से की। पुलिस को ड्रग की खेप ले जाए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद कोंडामादुगु के पास एक एसयूवी को रोककर तलाशी ली गई।
वाहन से 27 किलो MD और 40 किलो एसीटोन मिला। पुलिस ने इस मामले में नागपुर के चेतन मधुकर मेश्राम (49) और आकाश अशोक गवांडे (31) को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा असम के मुवजमल हक (25) और हैदराबाद के उपद्रस्थरा रामन मूर्ति (65) को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार नागपुर के गोपाल सिरपत पटेलिया और चंदा प्रदीप ठाकुर फरार हैं। दोनों की तलाश के लिए विशेष टीमें लगाई गई हैं। पुलिस असम के मोहम्मद अयूब अली और हैदराबाद के पीरजादीगुड़ा निवासी येतुचुरी रामाराजू की भूमिका की भी जांच कर रही है।
लैब पर छापे में मिले उपकरण
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि कोंडामादुगु स्थित वेटुकुरी लैब्स में 5 से 7 अगस्त के बीच MD तैयार की गई थी। इसके बाद पुलिस ने लैब की तलाशी ली।
लैब से ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला रिएक्टर, सेंट्रीफ्यूज और अन्य उपकरण बरामद किए गए। पुलिस ने चेतन मेश्राम को इस नेटवर्क का कथित मुख्य आयोजक और फाइनेंसर बताया है, जबकि रामन मूर्ति पर लैब में ड्रग निर्माण की जिम्मेदारी होने का आरोप है।
नागपुर में होनी थी सप्लाई
जांच में सामने आया कि तैयार MD की खेप कोंडामादुगु से नागपुर भेजी जा रही थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नागपुर में यह ड्रग किसे सौंपी जानी थी और आगे इसे किन इलाकों में पहुंचाने की योजना थी।
नागपुर के रहने वाले आकाश गवांडे के बारे में पुलिस का कहना है कि वह ड्राइवर है और खेप को नागपुर ले जाने में उसकी भूमिका थी। हालांकि, पुलिस ने वाहन को नागपुर पहुंचने से पहले ही रोक लिया।
आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
चेतन मेश्राम की गिरफ्तारी के बाद उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आ गया है। जनवरी 2021 में जरिपटका पुलिस ने उसे दो देसी पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। उस समय पुलिस ने उसे आदतन अपराधी बताया था और बाद में उसे नागपुर से तड़ीपार भी किया गया था।
2022 के बॉम्बे हाई कोर्ट के एक फैसले में मेश्राम के खिलाफ 21 मामलों का जिक्र किया गया था। इनमें पर्डी, नंदनवन और लकड़गंज थानों में दर्ज मामले भी शामिल थे। इन मामलों में चोरी, हथियार रखने, धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे आरोप शामिल थे।
फिलहाल पुलिस ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने, फरार आरोपियों को पकड़ने और नागपुर तथा विदर्भ में इस खेप की संभावित सप्लाई के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है।