नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में एक बुजुर्ग महिला से दुष्कर्म और हत्या के मामले को पुलिस ने महज 10 दिनों में सुलझा लिया। इस जांच में सबसे बड़ा सुराग घटनास्थल के पास पड़ा एक खाली चिप्स का पैकेट बना। पुलिस ने वैज्ञानिक जांच, सीसीटीवी फुटेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक की मदद से आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
करीब 65 से 70 वर्ष की अज्ञात महिला का शव 28 जून को सावनेर थाना क्षेत्र के पाटणसावंगी स्थित एक खेत में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के साथ दुष्कर्म और हत्या की पुष्टि हुई। घटनास्थल से पुलिस को सिर्फ एक खाली बालाजी चिप्स का पैकेट मिला था। जांच टीम ने इसे मामूली कचरा मानने के बजाय इसके वितरण नेटवर्क और आसपास की दुकानों तक पहुंच बनाई।
पुलिस ने संबंधित दुकानों से सीसीटीवी फुटेज जुटाए, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति इलाके में घूमता दिखाई दिया। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और आरोपी तक पहुंचने के लिए सबूतों की मजबूत कड़ी तैयार हो गई। पुलिस ने MARVEL (महाराष्ट्र रिसर्च एंड विजिलेंस फॉर एन्हांस्ड लॉ एनफोर्समेंट) नामक एआई प्लेटफॉर्म की मदद से पीड़िता और संदिग्ध के चेहरे का डिजिटल पुनर्निर्माण भी किया, जिससे जांच को नई दिशा मिली।
जांच के आधार पर पुलिस ने 48 वर्षीय सुधाकर दादाराव मंडपे, निवासी बंसाली टाकली, सावनेर तालुका, को 6 जुलाई को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला वैज्ञानिक साक्ष्यों, फॉरेंसिक जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और एआई तकनीक के प्रभावी उपयोग का एक बड़ा उदाहरण है।