नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर के धंतोली इलाके से लापता हुए परसवानी परिवार के पांचों सदस्य पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ में सुरक्षित मिल गए हैं। परिवार के मिलने से नागपुर और पुणे पुलिस ने राहत की सांस ली है। हालांकि, पुलिस पूछताछ में परिवार के अचानक गायब होने की वजह को लेकर कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं।
परसवानी परिवार के पांच सदस्य- हर्षा परसवानी, उनके बेटे जितेंद्र परसवानी, बहू इशिता, पोती खुशी और पोता कृष्णा 26 जून को बिना किसी को बताए घर से चले गए थे। सभी के मोबाइल फोन बंद होने के कारण उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा था, जिससे पुलिस की चिंता बढ़ गई थी।
पुलिस जांच में पता चला कि परिवार के मुखिया जितेंद्र परसवानी जयताला चौक में एक जनरल स्टोर चलाते हैं। कारोबार के लिए उन्होंने कई लोगों से उधार लिया था और धीरे-धीरे उन पर 30 लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज हो गया था। कर्जदाताओं के लगातार दबाव और मानसिक तनाव के कारण उन्होंने परिवार के साथ शहर छोड़ने का फैसला किया।
मामले में बड़ा सुराग एक डिजिटल ट्रांजेक्शन से मिला। नकदी खत्म होने के बाद जितेंद्र परसवानी ने पिंपरी-चिंचवड़ के वैभव नगर इलाके में एक एटीएम से पैसे निकाले और पास की एक दुकान से सामान खरीदने के लिए जी-पे (GPay) से भुगतान किया। चूंकि पुलिस परिवार के बैंक खातों पर नजर रखे हुए थी, इसलिए यह ऑनलाइन ट्रांजेक्शन उनके लिए अहम सुराग साबित हुआ।
डिजिटल भुगतान के जरिए पुलिस को परिवार की लोकेशन पिंपरी-चिंचवड़ में होने की जानकारी मिली। इसके बाद नागपुर पुलिस की विशेष टीम तुरंत वहां पहुंची और पांचों सदस्यों को सुरक्षित बरामद कर लिया।