नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में शनिवार रात हुई कथित लूट की घटना में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में पता चला कि कार चालक अमोल धर्नेजा ने दोस्त से लिया दो लाख रुपये का कर्ज नहीं चुकाने के लिए खुद ही लूट की झूठी कहानी रची थी। उसने पुलिस को बताया था कि बदमाश चाकू दिखाकर उसकी कार और उसमें रखे 2.05 लाख रुपये लेकर फरार हो गए।
अमोल की शिकायत के बाद हुडकेश्वर पुलिस ने लूट का मामला मानकर जांच शुरू की। तलाशी के दौरान उसकी कार विमानतळ इलाके में सोनेगांव थाने के पास मिली। कार में अमोल का मोबाइल था, लेकिन नकदी नहीं थी। इसके बाद पुलिस ने जब अमोल से घटना को लेकर बार-बार पूछताछ की तो उसके बयान में विरोधाभास सामने आने लगे।
पुलिस ने अमोल के मोबाइल की लोकेशन, इलेक्ट्रॉनिक सबूत और घटना से पहले उसकी गतिविधियों की जांच की। इससे पुलिस को शक हुआ कि लूट की पूरी कहानी फर्जी है। सख्ती से पूछताछ करने पर अमोल ने कथित तौर पर अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि त्रिमूर्तिनगर में ‘बैठक कैफे’ शुरू करने के लिए उसने अवतारसिंग धुन्ना से दो लाख रुपये उधार लिए थे।
अमोल पर कर्ज चुकाने का लगातार दबाव था और उसने 22 अगस्त तक पैसे लौटाने का वादा किया था, लेकिन रकम जुटा नहीं सका। इसके बाद उसने लूट का नाटक किया, ताकि कर्ज देने वाले लोग पैसे मांगना बंद कर दें। हालांकि, उसका यह प्लान पुलिस की जांच में पकड़ा गया और अब हुडकेश्वर पुलिस उसके खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है।