नागपुर न्यूज डेस्क: भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) को ही अब रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने नागपुर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में तैनात 50 वर्षीय साजन शालिग्रामजी शेंडे को कथित रिश्वत प्रकरण में हिरासत में लिया है। एसीबी के अनुसार, वह महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश सीमा पर स्थित खुरसापार चेक पोस्ट पर अवैध वसूली में शामिल पाए गए।
दिलचस्प बात यह है कि 30 मार्च को साजन शेंडे समेत 20 मोटर वाहन निरीक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने नागपुर स्थित एसीबी कार्यालय पहुंचकर आरटीओ के कुछ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और ज्ञापन सौंपा था। लेकिन बाद में एसीबी को मिली एक शिकायत की जांच के दौरान शेंडे स्वयं भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए गए।
एसीबी के मुताबिक, 10 जून को एक ट्रक मालिक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि खुरसापार आरटीओ चेक पोस्ट पर उसके वाहन को आगे जाने की अनुमति देने के लिए 500 रुपये की रिश्वत ली गई। शिकायतकर्ता को आशंका थी कि अगली बार भी उससे पैसे मांगे जाएंगे, इसलिए उसने एसीबी से संपर्क किया। जांच के दौरान सामने आया कि प्रवीण बाबूराव गाइधाने नामक व्यक्ति ने ट्रक की एंट्री क्लियर कराने के बदले 500 रुपये की मांग की थी। उस समय साजन शेंडे भी ड्यूटी पर मौजूद थे।
एसीबी ने बताया कि गाइधाने ने रिश्वत की राशि स्वीकार की और इस प्रक्रिया को मोटर वाहन निरीक्षक साजन शेंडे का समर्थन प्राप्त था। कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने चेक पोस्ट से 47 हजार रुपये नकद भी बरामद किए। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसीबी मामले की आगे की जांच कर रही है।