नागपुर न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र में एक युवती ने छह साल बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए अपहरण, यौन शोषण, जबरन शादी और धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का दावा है कि वर्ष 2020 में जब वह 16 साल की थी, तब उसका कथित रूप से अपहरण किया गया। इसके बाद उसे लंबे समय तक शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
शिकायत के अनुसार, आरोपी समीर अली ने नाबालिग होने के बावजूद युवती को अपने साथ रखा और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। युवती का आरोप है कि बाद में उसकी पहचान छिपाने के लिए उसका नाम और उम्र बदलकर फर्जी आधार कार्ड तैयार कराया गया, ताकि उसे बालिग दिखाया जा सके।
पीड़िता का कहना है कि वर्ष 2021 में उसे अवस्थी चौक के पास स्थित एक दरगाह ले जाया गया, जहां समीर अली के परिजनों की मौजूदगी में उसका निकाह कराया गया। उसने आरोप लगाया है कि इस दौरान उस पर धर्म परिवर्तन का भी दबाव बनाया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कम उम्र में ही वह गर्भवती हो गई और बाद में एक बेटे को जन्म दिया। आरोप है कि फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसका बेटा चार साल का है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में अपहरण, नाबालिग से जुड़े यौन अपराध, पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह निषेध अधिनियम, जालसाजी और आपराधिक साजिश समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जांच टीम फर्जी दस्तावेजों की जांच, गवाहों के बयान, मेडिकल और फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ कथित धर्म परिवर्तन और निकाह से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।