नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर के सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर कॉकroach जनता पार्टी (CJP) ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया है कि कई स्कूलों में बच्चों को खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और जरूरी सुविधाओं की कमी के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है। पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए स्कूल परिसर में शराब और दूसरे नशे के सेवन का भी आरोप लगाया है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
CJP का दावा है कि स्कूलों में लोग शराब और अन्य नशीले पदार्थों का इस्तेमाल करते देखे गए हैं। इसके अलावा बच्चों के लिए साफ-सुथरे और इस्तेमाल लायक शौचालय, पर्याप्त पीने का पानी, सुरक्षित भोजन और पर्याप्त क्लासरूम जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है। पार्टी का कहना है कि कमरों की कमी के कारण अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
पार्टी ने यह भी दावा किया कि कुछ सातवीं कक्षा के छात्रों को अब तक पांचवीं कक्षा की मार्कशीट नहीं मिली है। CJP ने प्रशासन से सवाल किया कि ऐसी परिस्थितियों में अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने पर कैसे भरोसा करें। पार्टी ने अधिकारियों से जल्द से जल्द स्कूलों की समस्याएं दूर करने और बच्चों के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने की मांग की है।
वहीं, राजस्थान के रामपुरा (कंवरपुरा) स्थित सरकारी प्राथमिक स्कूल की जर्जर इमारत को प्रशासन ने गिरा दिया है। यह इमारत सितंबर 2025 में तकनीकी जांच के बाद असुरक्षित घोषित कर दी गई थी और इसके बाद स्कूल को वहां से हटा दिया गया था। पिछले महीने CJP की 'स्कूल ठीक करो' मुहिम के तहत टीम ने गांव का दौरा कर स्कूल की हालत सामने रखी थी। राजस्थान सरकार ने नए स्कूल भवन के लिए 18 लाख रुपये देने की घोषणा की है, जिसमें 12 लाख रुपये DMFT और 6 लाख रुपये विधायक निधि से दिए जाएंगे। स्कूल की स्थिति को लेकर CJP सदस्यों और ग्रामीणों के बीच विवाद भी हुआ था और दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी।