नागपुर न्यूज डेस्क: कांग्रेस ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा कक्षा 11 और 12 की राजनीति विज्ञान (Political Science) पाठ्यपुस्तक विकास टीम के पुनर्गठन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पुनर्गठित टीम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े कम से कम चार सदस्यों को शामिल किए जाने पर कांग्रेस ने NCERT को कटाक्ष करते हुए "Sanghikaran by Nagpur Coterie for Educational Rewriting and Trouble-making" करार दिया।
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि एक तरफ बीजेपी और आरएसएस 'शुद्धिकरण' का कार्य कर रहे हैं जो एक पाप है, वहीं दूसरी तरफ वे पाठ्यपुस्तकों का 'संघीकरण' कर रहे हैं जो एक अभिशाप है। रमेश ने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक कार्यक्रम के बाद कथित 'शुद्धिकरण' की घटना का हवाला देते हुए यह टिप्पणी की।
मामले के मुख्य बिंदु
NCERT का पुनर्गठन: कक्षा 11 और 12 के राजनीति विज्ञान की किताबों के लिए गठित टीम में भारतीय ज्ञान प्रणाली और सांस्कृतिक जड़ों को जोड़ने का जनादेश दिया गया है।
समयसीमा: टीम को कक्षा 11 की पाठ्यपुस्तक नवंबर तक और कक्षा 12 की किताब अगले साल जुलाई तक तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
3Cs और शिक्षा का मुद्दा: जयराम रमेश ने राहुल गांधी द्वारा शिक्षा क्षेत्र की तीन समस्याओं—निजीकरण, केंद्रीयकरण और संघीकरण—और सोनिया गांधी द्वारा उल्लिखित 3Cs (सेंट्रलाइजेशन, कमर्शियलाइजेशन, कम्युनालाइजेशन) का उल्लेख किया।
कांग्रेस का आरोप: कांग्रेस ने कहा कि पिछले 12 सालों से शिक्षा मंत्रालय चाहे किसी के पास भी रहा हो, शिक्षा के इस संघीकरण के पीछे मुख्य मास्टरमाइंड आरएसएस ही रहा है।