नागपुर न्यूज डेस्क: जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड (GMR Airports Limited) ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से नागपुर स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन अपने हाथों में ले लिया है। यह कदम केंद्र सरकार के क्षेत्रीय संपर्क (regional connectivity) को मजबूत करने और नागपुर को मध्य भारत के एक प्रमुख 'हब-एंड-स्पोक' विमानन नेटवर्क के रूप में स्थापित करने के दृष्टिकोण के बिल्कुल अनुकूल है। इस 30-वर्षीय रियायत समझौते (concessionaire agreement) के तहत जीएमआर नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण और विस्तार कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से अमलीजामा पहनाएगी।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, जीएमआर द्वारा विकास के पहले चरण में यात्री टर्मिनल के विस्तार पर मुख्य ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि सालाना 30 लाख (3 million) यात्रियों की आवाजाही को आसानी से संभाला जा सके और उन्हें एक कुशल व बाधारहित यात्रा का अनुभव मिल सके। इसके बाद के भविष्य के चरणों का लक्ष्य हवाई अड्डे की क्षमता को सालाना 3 करोड़ (30 million) यात्रियों तक पहुंचाना है, जिसके लिए नए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर सहित व्यापक एयरसाइड बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जाएगा। इसके साथ ही, यहाँ 20,000 मीट्रिक टन क्षमता का एक अत्याधुनिक कार्गो टर्मिनल भी तैयार किया जाएगा।
नागपुर हवाई अड्डे के इस अधिग्रहण के बाद अब जीएमआर एयरो (GMR AERO) के संचालन या विकास के तहत हवाई अड्डों की कुल संख्या 9 हो गई है। कंपनी वर्तमान में भारत और विदेशों में दिल्ली, हैदराबाद, गोवा (मोपा), नागपुर, बीदर, और मेदान (इंडोनेशिया) सहित सात हवाई अड्डों का संचालन करती है, जबकि मैक्टन सेबू (फिलीपींस) को तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है। इसके अलावा, जीएमआर द्वारा भोगापुरम (आंध्र प्रदेश) और क्रीट (ग्रीस) में दो नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों का विकास भी किया जा रहा है।
इस रणनीतिक विकास पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा कि भारत के भौगोलिक केंद्र में स्थित होने के कारण नागपुर को एक प्राकृतिक लाभ प्राप्त है। यह अनूठी स्थिति इसे एक प्रमुख घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर हब, कार्गो मूवमेंट, लॉजिस्टिक्स, व्यापार और विमानों के रखरखाव व मरम्मत (MRO) के केंद्र के रूप में उभरने का बेहतरीन अवसर देती है। जीएमआर एयरपोर्ट्स के चेयरमैन जीबीएस राजू ने भी इसे एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह रणनीतिक दृष्टिकोण नागपुर को एक विश्व स्तरीय विमानन हब में तब्दील कर क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि का इंजन साबित होगा।