नागपुर न्यूज डेस्क: महानगर पालिका और आईटीडीपी (Institute for Transportation and Development Policy) ने मिलकर शहर में सुरक्षित, हरियाली और सभी के लिए सुगम मार्ग सुनिश्चित करने की पहल की है। इसके तहत पहली बार “हेल्दी स्ट्रीट्स” नीति तैयार की जाएगी। मनपा आयुक्त एवं प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी की पहल पर यह नीति पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और सार्वजनिक वाहनों के लिए सुरक्षित रास्तों पर केंद्रित होगी। नीति में बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष सुरक्षा और सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाएगा।
30 जुलाई को वनामती सभागृह में आयोजित विशेष कार्यशाला में इस योजना को लेकर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्रकुमार सिंघल, मनपा आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी, महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण आयुक्त संजय मीना, अतिरिक्त आयुक्त वसुमना पंत, पुलिस उपायुक्त (यातायात) लोहित मतानी और महामेट्रो के महेश मोरोने सहित अन्य अधिकारियों ने शहर के रास्तों की वर्तमान स्थिति, समस्याएं और भविष्य की सुविधाओं पर विचार साझा किया। पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए अतिक्रमण मुक्त रास्ते, दिशादर्शक फलक, फूटपाथ और साइकिल ट्रैक बनाना नीति का अहम हिस्सा है।
बैठक में यह तय किया गया कि वर्धा रोड जैसे मार्गों को वॉकेबल स्ट्रीट के तर्ज पर विकसित किया जाएगा और अगले कुछ महीनों में 15 से 20 किलोमीटर क्षेत्र में बेहतर मार्ग तैयार करने का प्रयास होगा। पुलिस आयुक्त ने बताया कि शहर में प्रतिवर्ष करीब 348 नागरिक सड़क दुर्घटना का शिकार होते हैं, लेकिन बेहतर सुरक्षा इंतजामों से 70 मौतों को रोका गया। रामगिरी मार्ग को जल्द ही पूरी सुविधाओं के साथ ‘हेल्दी स्ट्रीट्स’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
आईटीडीपी ने शहरवासियों से भी सुझाव आमंत्रित किए हैं। प्राथमिक सर्वेक्षण में पाया गया कि शहर के मुख्य मार्गों पर वाहन अक्सर 50 किमी/घंटा से अधिक गति पर चलते हैं, जिससे पैदल यात्रियों की सुरक्षा खतरे में आती है। नीति में नागरिकों के अनुभव और सुझावों को शामिल करने के लिए सर्वेक्षण लिंक bit.ly/41NDbVY 25 सितंबर तक सक्रिय रहेगा।