नागपुर न्यूज डेस्क: मराठा समाज को ओबीसी वर्ग में आरक्षण देने की मांग के विरोध में राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ ने सख्त रुख अपनाया है। महासंघ के अध्यक्ष डॉ. बबनराव तायवाडे के नेतृत्व में शनिवार, 30 अगस्त को संविधान चौक में अनशन का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद मुंबई में बड़े प्रदर्शन पर निर्णय लिया जाएगा। महासंघ की बैठक में विदर्भ के सभी जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए और ओबीसी आरक्षण को बनाए रखने के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में यह साफ किया गया कि मराठा समाज पिछड़ा नहीं है और उसे ओबीसी वर्ग का आरक्षण नहीं दिया जा सकता।
बैठक में यह भी कहा गया कि बार-बार मराठा समाज द्वारा ओबीसी आरक्षण की मांग करना उचित नहीं है और यह ओबीसी समाज के हितों के खिलाफ है। महासंघ ने सरकार और सभी राजनीतिक दलों से निवेदन किया कि ओबीसी का संवैधानिक अधिकार बनाए रखा जाए। महासंघ ने यह भी बताया कि जनसंख्या के अनुपात में ओबीसी को अभी तक पर्याप्त आरक्षण नहीं मिल पाया है। मराठा समाज राजनीतिक रूप से प्रभावी है, जबकि ओबीसी को राजनीतिक आरक्षण पहले ही दिया गया है।
बैठक में राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के अध्यक्ष डॉ. बबनराव तायवाडे, महासचिव सचिन राजूरकर, कार्याध्यक्ष प्रा. शेषराव येलेकर, सहसचिव शरद वानखेडे, कोषाध्यक्ष गुणेश्वर आरिकर, युवा महासंघ अध्यक्ष सुभाष घाटे, प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश भागरथ, कार्याध्यक्ष दिनेश चोखारे, किसान महासंघाचे अध्यक्ष प्रकाश साबले, योद्धा रवींद्र टोंगे, शाम लेडे, ऋषभ राऊत, राजू चौधरी, परमेश्वर राऊत और सुनील शिंदे उपस्थित थे।