नागपुर न्यूज डेस्क: महिंद्रा एंड महिंद्रा महाराष्ट्र के नागपुर में अपने बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी को जल्द ही इस प्रोजेक्ट के लिए तय की गई 1,500 एकड़ जमीन में से शुरुआती 800 एकड़ जमीन मिलने की उम्मीद है। ग्रीनफील्ड प्लांट में कारों के साथ ट्रैक्टर भी बनाए जाएंगे। पूरी क्षमता से काम शुरू होने के बाद यहां हर साल 6 लाख से ज्यादा वाहन और ट्रैक्टर तैयार किए जा सकेंगे।
ICE और इलेक्ट्रिक वाहनों पर रहेगा फोकस
कंपनी के मुताबिक नागपुर में बनने वाले प्लांट में इंटरनल कंबशन इंजन यानी आईसीई, इलेक्ट्रिक और भविष्य की दूसरी पावरट्रेन तकनीक वाले वाहन तैयार किए जाएंगे। हालांकि अभी महिंद्रा ने यह साफ नहीं किया है कि प्लांट में कौन-कौन से मॉडल या प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। उत्पादन कब शुरू होगा और कितने चरणों में क्षमता बढ़ाई जाएगी, इसकी टाइमलाइन भी कंपनी ने अभी साझा नहीं की है।
संभाजीनगर में बनेगा 150 एकड़ का सप्लायर पार्क
मैन्युफैक्चरिंग विस्तार के साथ महिंद्रा संभाजीनगर में 150 एकड़ का सप्लायर पार्क भी तैयार कर रही है। यहां बनने वाले कंपोनेंट्स का इस्तेमाल नागपुर के दो नए प्लांटों के अलावा चाकण और नासिक स्थित कंपनी के मौजूदा प्लांटों में किया जाएगा। इससे महाराष्ट्र में महिंद्रा के तीन मैन्युफैक्चरिंग सेंटर एक साझा सप्लाई नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। हालांकि, सप्लायर पार्क में कितनी कंपनियां काम करेंगी, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है।
नागपुर में स्किलिंग सेंटर, मौजूदा कर्मचारियों को भी मौका
महिंद्रा नागपुर में एक स्किलिंग सेंटर भी स्थापित करेगी। यहां मैकेनिकल ऑपरेशन, वेल्डिंग और पेंटिंग जैसे कामों की ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण में अलग-अलग पावरट्रेन और नई तकनीकों के साथ ऑटोमोबाइल और ट्रैक्टर बनाने के लिए जरूरी स्किल्स पर फोकस रहेगा। कंपनी अपने मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स के कर्मचारियों को भी नागपुर प्रोजेक्ट में काम करने का मौका देगी। अगले दो से तीन साल में तकनीकी क्षमता, व्यवहार, कंपनी की वैल्यूज और टीम के साथ काम करने की क्षमता के आधार पर कर्मचारियों का चयन किया जाएगा। हालांकि नागपुर प्लांट के लिए कुल कितने कर्मचारियों की जरूरत होगी और कितनी नौकरियां पैदा होंगी, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है।