नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर अपने तीखे और चटपटे खाने के लिए जाना जाता है, लेकिन इन दिनों यहां की एक साधारण दाल वाली डिश लोगों के बीच खूब पसंद की जा रही है। दालचा राइस का स्वाद लोगों को इतना पसंद आ रहा है कि सस्ते और पेट भरने वाले शाकाहारी खाने के लिए लोग यहां पहुंच रहे हैं। गणेशपेठ इलाके में स्थित जय श्री राम दालचा की दुकान इस डिश को लेकर खास चर्चा में है। यहां रोजाना बड़ी मात्रा में दालचा राइस तैयार किया जाता है और इसे बनाने के लिए न तो एलपीजी का इस्तेमाल होता है और न ही कोई मॉडर्न किचन। पूरा खाना लकड़ी के चूल्हे पर पकाया जाता है।
हाल ही में एक कंटेंट क्रिएटर ने इस दुकान का दौरा किया और बताया कि यहां हर दिन करीब 400 किलो दालचा राइस बनाया जाता है। इतनी बड़ी मात्रा में खाना तैयार होने की बात सुनकर लोग यह जानने के लिए उत्सुक हो गए कि एक छोटी-सी दुकान ने इतनी बड़ी पहचान कैसे बनाई। दुकान के मालिक ने सोशल मीडिया पर अपनी शुरुआत की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि शुरुआत में वे सिर्फ दो किलो दालचा राइस बनाते थे, लेकिन उसे बेचना भी आसान नहीं था। कई बार केवल एक या डेढ़ किलो खाना ही बिकता था और बाकी वापस ले जाना पड़ता था। इसके बावजूद उन्होंने काम जारी रखा और धीरे-धीरे लोगों को इसका स्वाद पसंद आने लगा।
मालिक के मुताबिक, महज दो साल में उनका कारोबार काफी बढ़ गया। पहले ही साल में ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी थी और अब दुकान पर आने वाले ज्यादातर लोग दालचा राइस ही खाते हैं। यहां दूसरे खाने के बजाय इसी एक डिश पर पूरा ध्यान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि एक बार में 70 किलो मटर की दाल पकाई जाती है, जिससे करीब 250 से 300 किलो दालचा राइस तैयार हो सकता है। खाना लकड़ी के चूल्हे पर पकता है, जबकि चावल के लिए दो बड़े बर्तनों का इस्तेमाल किया जाता है।
दुकान पर सुबह से ही ग्राहकों का आना-जाना शुरू हो जाता है। मालिक के अनुसार, चावल की पहली खेप 52 किलो की होती है, जो सुबह 10 बजे तक तैयार हो जाती है और कुछ ही घंटों में बिक जाती है। इसके बाद कर्मचारी 72 किलो की अगली खेप बनाने में जुट जाते हैं। दिनभर लगातार ऑर्डर मिलने के कारण दुकान को कई बार खाना तैयार करना पड़ता है। कुल मिलाकर यहां रोजाना करीब 400 किलो दालचा राइस बनाया जाता है, जो कम से कम 5,000 लोगों का पेट भरने के लिए काफी है। दो किलो से शुरू हुआ यह सफर अब नागपुर में एक छोटे खाने के कारोबार की बड़ी कामयाबी की कहानी बन गया है।