नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में शनिवार को हुई तेज बारिश के बाद रविवार सुबह भी करीब डेढ़ घंटे तक लगातार बारिश हुई। सुबह 8 बजे के बाद शुरू हुई बारिश दोपहर 12 बजे तक रुक-रुककर चलती रही। इसके बाद आसमान में बादल तो छाए रहे, लेकिन बारिश पूरी तरह थम गई। मौसम विभाग ने सोमवार के बाद कोई अलर्ट जारी नहीं किया है, ऐसे में अब बारिश की रफ्तार कम होने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर विदर्भ में साफ दिखाई दे रहा है। पिछले दो-तीन दिनों से नागपुर समेत कई जिलों में बारिश का माहौल बना हुआ है। द्रोणीय स्थिति के कारण कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो रही है। नागपुर में लगातार तीसरे दिन बारिश हुई। बादलों के कारण शहर के तापमान में करीब 6 डिग्री की गिरावट आई और पारा 27.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
विदर्भ के दूसरे इलाकों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। ब्रह्मपुरी में 53 मिमी, वर्धा में 42 मिमी, गोंदिया में 33 मिमी और गड़चिरोली में 29 मिमी बारिश हुई। चंद्रपुर, वाशिम और यवतमाल में भी बारिश हुई। देर से आई इस बारिश से फसलों को फायदा मिला है और किसानों को भी राहत मिली है। बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को नई जान मिलने की उम्मीद है।
मौसम विशेषज्ञ प्रो. सुरेश चोपणे के मुताबिक, इस बार पूर्वी विदर्भ में ज्यादा बारिश होना एक अलग तरह का मौसम पैटर्न है। एल नीनो के प्रभाव के कारण अरब सागर से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र तक अपेक्षित रूप से नहीं पहुंच रही हैं। बंगाल की खाड़ी में बनी चक्रवाती स्थिति की वजह से विदर्भ में बारिश हो रही है। खास बात यह है कि इस बार पूर्वी विदर्भ में बारिश का जोर ज्यादा है, ऐसा मौसम का पैटर्न पहले बहुत कम देखने को मिला है।