नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने मौजूदा एमएलसी अभिजित वंजारी को फिर से मैदान में उतारने का फैसला किया है और वह प्रचार में जुट गए हैं। वंजारी ने दावा किया है कि हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों का असर इस चुनाव पर दिखाई देगा और उन्होंने इसे सरकार के लिए लिटमस टेस्ट बताया है। हालांकि, ये उनके राजनीतिक दावे हैं और चुनाव का नतीजा मतदाताओं के फैसले पर निर्भर करेगा।
अभिजित वंजारी 5 अक्टूबर को अपना नामांकन दाखिल करने वाले हैं। उनके साथ कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी सिरिवेल्ला प्रसाद और प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मौजूद रहने की जानकारी है। दूसरी ओर, भाजपा ने अभी तक अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। मौजूदा चर्चा में सुधाकर कोहले, अनिल सोले और सुधीर दिवे समेत कई नाम सामने आए हैं।
भाजपा की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन सुधाकर कोहले ने अपने स्तर पर मतदाताओं से संपर्क शुरू कर दिया है। उन्होंने नागपुर जिला परिषद के शिक्षकों से मुलाकात कर उनकी मांगों और समस्याओं को समझने की बात कही है। वहीं, संघ परिवार से जुड़े एडवोकेट रमण सेनाड ने भी भाजपा से टिकट की मांग की है। सेनाड का कहना है कि वह लंबे समय से संघ और भाजपा के लिए काम करते रहे हैं और इस बार उन्हें उम्मीद है कि पार्टी उन्हें मौका देगी।
नागपुर स्नातक सीट के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है। ऐसे में आने वाले दिनों में भाजपा के उम्मीदवार के नाम की घोषणा के साथ चुनावी मुकाबले की तस्वीर और साफ होगी।