नागपुर न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र के नागपुर में शनिवार को नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक विवाद के बीच बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मोड़ देखने को मिला। 3 मई के पेपर लीक विवाद के बाद कथित तौर पर भारी तनाव में आकर आत्महत्या करने वाली नागपुर की नीट अभ्यर्थी आकांक्षा चतुर्वेदी की मां नीलम चतुर्वेदी छात्रों के आंदोलन में शामिल हुईं। संविधान चौक पर आयोजित प्रदर्शन में बोलते हुए उन्होंने भावुक होकर कहा कि बेटी की मौत के बाद सरकार का एक भी प्रतिनिधि न तो उनके घर आया और न ही मुआवजे या सांत्वना को लेकर कोई कॉल किया गया।
इस दौरान नीलम चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक उनके परिवार और प्रभावित छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह आंदोलन और छात्र आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे रोज संविधान चौक पर प्रदर्शन में बैठेंगी और अगर जरूरत पड़ी तो दिल्ली जाकर भी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगी। उन्होंने आरोपी माफिया पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए।
नीलम चतुर्वेदी ने परीक्षा प्रणाली और शासन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरियां नहीं मिल रही हैं। उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की भी कड़ी निंदा की और केंद्र सरकार से अपील की कि वे बल प्रयोग करने के बजाय छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाले।
उल्लेखनीय है कि 3 मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के संकेत मिलने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर दी थी, जिसमें करीब 22 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी गई है और राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों से 45 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। भले ही सरकार एनटीए में सुधारों, सख्त कानूनों और फास्ट-ट्रैक अदालतों की दिशा में कदम बढ़ा रही है, लेकिन छात्र संगठन और पीड़ित परिवार जवाबदेही और इस्तीफे की मांग को लेकर अड़े हुए हैं।