नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में रात के अंधेरे में दौड़ते भारी वाहनों पर अब पुलिस का शिकंजा कस गया है। ‘ऑपरेशन यू-टर्न’ के तहत ट्रैफिक पुलिस ने पिछले तीन दिनों में 100 से ज्यादा ऐसे ट्रक जब्त किए हैं, जो बिना अनुमति शहर की सड़कों पर घूम रहे थे। शहर में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों और मौतों पर रोक लगाने के लिए यह सख्त अभियान शुरू किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, 2020 से अब तक 450 से ज्यादा लोगों की मौत और 560 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।
पुलिस आयुक्त रविंदर सिंगाल के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत रात में शहर की सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। 11 प्रमुख एंट्री पॉइंट्स जैसे कटोल रोड, हिंगना, कोराडी, भंडारा, कपसी ब्रिज और साईं मंदिर के पास टीमें तैनात की गईं हैं। डीसीपी लोहित मतनी के निर्देशन में, देर रात 11:30 बजे से आधी रात तक चलाए गए ऑपरेशन में कई ट्रक पकड़े गए, जिन पर भारी जुर्माना लगाया गया। कई वाहनों को जब्त किया गया और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कानूनी कार्रवाई भी शुरू की गई।
ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि अक्टूबर 2025 से लागू नए नियमों के मुताबिक सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक भारी वाहनों को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं है। ऐसे वाहन अब केवल आउटर रिंग रोड या हाईवे का ही इस्तेमाल कर सकते हैं। निर्माण कार्य के लिए विशेष अनुमति प्राप्त ट्रक दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच ही चल सकते हैं। पुलिस ने ट्रांसपोर्टरों को चेतावनी दी है कि बिना अनुमति प्रवेश करने पर भारी जुर्माना व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
‘ऑपरेशन यू-टर्न’ के चलते इस साल शहर में सड़क हादसों से होने वाली मौतों में 65 की कमी दर्ज की गई है, जो पिछले साल की तुलना में 30% कम है। हालांकि ट्रांसपोर्टर अब भी रिंग रोड की सुविधाओं और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी परेशानियां गिना रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस का मानना है कि इस सख्ती से शहर में हादसों की संख्या में और गिरावट आएगी और रात के समय सड़कों पर सुरक्षा बढ़ेगी।