नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में सड़कें खोदकर उन्हें खराब हालत में छोड़ने वाले ठेकेदारों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि भूमिगत काम पूरा होने के बाद सड़क की सही तरीके से मरम्मत नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई करते हुए जरूरत पड़ने पर उन्हें निलंबित करने के निर्देश दिए।
गडकरी ने रविवार को नाग नदी प्रदूषण नियंत्रण परियोजना, अतिक्रमण हटाने के बाद प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और शहर में चल रहे अन्य बड़े विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के दौरान शहर की खराब सड़कों और जगह-जगह बने गड्ढों को लेकर लोगों की परेशानियों पर भी चर्चा हुई।
दरअसल, नागपुर में अलग-अलग सरकारी और यूटिलिटी प्रोजेक्ट के लिए कई जगह सड़कें खोदी गई हैं। काम पूरा होने के बाद कई स्थानों पर सड़क की मरम्मत या तो समय पर नहीं हुई या फिर बेहद खराब तरीके से की गई। इससे सड़कें ऊबड़-खाबड़ हो गईं और वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
AMRUT योजना के अनुभव से लिया सबक
बैठक में गडकरी ने AMRUT योजना के दौरान सामने आई समस्याओं का भी जिक्र किया। इस योजना के तहत भूमिगत काम के लिए कई सड़कों को खोदा गया था, लेकिन बाद में कई जगह सड़कें ठीक तरीके से बहाल नहीं की गईं। अब नाग नदी परियोजना के दौरान ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए पहले से सख्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
नाग नदी परियोजना के तहत शहर में बड़े स्तर पर खुदाई कर सीवेज लाइन बिछाने और सीवेज ट्रीटमेंट से जुड़ा ढांचा तैयार किया जाएगा। परियोजना को पांच चरणों में पूरा किया जाना है। इसके तहत तीन नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे, जबकि दो पुराने प्लांट का पुनर्निर्माण किया जाएगा।
इस काम के लिए पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण, मध्य और पूर्व नागपुर विधानसभा क्षेत्रों की कई सड़कों पर खुदाई होने की संभावना है।
'सड़क खोदें तो तुरंत और सही तरीके से बनाएं'
गडकरी ने अधिकारियों से कहा कि सड़क की खुदाई और उसके बाद मरम्मत के लिए आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया जाए। भूमिगत काम पूरा होते ही सड़क को तय मानकों के अनुसार बहाल किया जाए, ताकि लोगों को महीनों तक खराब सड़क से न गुजरना पड़े।
उन्होंने साफ किया कि खराब गुणवत्ता से सड़क बहाल करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ ब्लैकलिस्ट करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ठेकेदारों के काम की निगरानी में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई होगी और गंभीर मामलों में निलंबन किया जा सकता है।
नदी किनारे रहने वाले परिवारों का होगा पुनर्वास
बैठक में नाग नदी के दोनों किनारों से जुड़े पुनर्वास का मुद्दा भी उठा। नदी से 15 मीटर के दायरे में मौजूद अनधिकृत बस्तियों और झुग्गियों को नदी किनारे विकास योजना के तहत हटाया जाना प्रस्तावित है।
नगर निगम आयुक्त डॉ. विपिन इटणकर ने बताया कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए करीब 2,500 आवासीय इकाइयों की जरूरत पड़ेगी।
नाग नदी परियोजना के चलते शहर के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर सड़कें खोदी जानी हैं। ऐसे में गडकरी के निर्देशों से यह स्पष्ट है कि सड़कें खोदकर उन्हें लंबे समय तक खराब हालत में छोड़ने वाले ठेकेदारों और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अब कार्रवाई की जाएगी।