नागपुर न्यूज डेस्क: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि नागपुर के “99 फीसदी अंडरवर्ल्ड और सामाजिक वर्ग” के लोग उनके समर्थक हैं। हालांकि, उन्होंने तुरंत साफ किया कि उनकी बात को आपराधिक गतिविधियों के समर्थन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। आईआईएम नागपुर मीडिया कॉन्क्लेव 2026 में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि उनका ऐसे इलाकों के लोगों से जुड़ाव सड़क निर्माण और सामाजिक कामों की वजह से रहा है।
गडकरी ने अपने चुनावी अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि नागपुर के कुछ बेहद पढ़े-लिखे इलाकों में उन्हें करीब 70-75 फीसदी वोट मिले, जबकि उनके मुताबिक “क्रिमिनल, अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट” इलाकों में उन्हें करीब 92 फीसदी वोट मिले। उन्होंने कहा कि राजनीति में उन्होंने अच्छे और बुरे दोनों तरह के अनुभव देखे हैं और समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों से उनके संबंध रहे हैं।
उन्होंने पढ़े-लिखे लोगों के मतदान व्यवहार पर भी सवाल उठाया। गडकरी ने कहा कि लोग चुनाव के दौरान राजनीति और देश की समस्याओं पर चर्चा तो करते हैं, लेकिन कई बार वोट डालने के लिए घर से बाहर नहीं निकलते। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के सामने सबसे बड़ी चुनौती राजनीतिक दल या नेता नहीं, बल्कि जनता है। गडकरी ने मतदाताओं से जाति, धर्म, संप्रदाय और भाषा के बजाय सामाजिक, आर्थिक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को देखकर वोट देने की अपील की।
गडकरी ने अपने राजनीतिक सफर, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नांडिस के साथ अपने संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फर्नांडिस से मिली एक सीख के मुताबिक राजनीति “विरोधाभास, मजबूरियों और सीमाओं का खेल” है। उन्होंने जाति आधारित राजनीति के अपने पुराने प्रयोग का भी जिक्र किया और कहा कि बाद में उन्होंने चुनावी फायदे के लिए सिद्धांतों से समझौता न करने का फैसला किया। मीडिया पर बोलते हुए गडकरी ने कहा कि नेताओं को आलोचना स्वीकार करने की समझ होनी चाहिए और पत्रकारों को निडर, स्वतंत्र और सच्चाई के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति और पत्रकारिता दोनों में विश्वसनीयता, ईमानदारी और लोगों का भरोसा सबसे बड़ी पूंजी है।