नागपुर न्यूज डेस्क: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण आज नागपुर की प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में पेश हुए। उनके खिलाफ भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तुलना 'आतंकवादी विचारधारा' से करने के आरोप में मानहानि का मामला चल रहा है। यह मामला भाजपा विधायक और तत्कालीन नागपुर शहर अध्यक्ष प्रवीण दटके ने दर्ज कराया था।
यह मामला साल 2018 का है। उस समय नागपुर में विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा था। कांग्रेस की ओर से आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पृथ्वीराज चव्हाण ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए उनकी विचारधारा को 'आतंकवादी या उग्रवादी विचारधारा जैसी' बताया था। उन्होंने दोनों पर समाज में धार्मिक तनाव और नफरत फैलाने का आरोप भी लगाया था।
चव्हाण के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में काफी प्रतिक्रिया हुई थी। प्रवीण दटके ने आरोप लगाया कि इस बयान से भाजपा, आरएसएस और उनके लाखों कार्यकर्ताओं की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और उनकी भावनाएं आहत हुईं। इसके बाद उन्होंने नागपुर की जेएमएफसी अदालत में भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत मानहानि की निजी शिकायत दर्ज कराई थी।
अदालत की ओर से जारी समन के बाद पृथ्वीराज चव्हाण आज कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने अपनी तरफ से पक्ष रखा और जमानत से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया पूरी की। अदालत की कार्यवाही खत्म होने के बाद चव्हाण नागपुर के रवि भवन के लिए रवाना हो गए।