नागपुर न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र प्रदेश युवा कांग्रेस ने सोमवार को नागपुर में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के आवास के बाहर ई-20 ईंधन नीति के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ई-20 पेट्रोल से वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और पुराने वाहनों पर इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है।
युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शिवराज मोरे के नेतृत्व में चिटनवीस पार्क चौक से गडकरी के आवास तक मार्च निकाला गया। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 30 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
नागपुर कांग्रेस अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडाडे ने कहा कि ई-20 ईंधन से वाहनों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकार ने कभी ई-20 पेट्रोल सस्ता होने का दावा किया था, लेकिन आज भी पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस आगे भी आवाज उठाती रहेगी।
ई-20 पेट्रोल को लेकर कई वाहन मालिक पहले भी कम माइलेज, इंजन की खराबी, क्लॉग्ड इंजेक्टर और पुराने वाहनों की अनुकूलता को लेकर चिंता जता चुके हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि 2023 से पहले बने कई वाहन ई-20 ईंधन के लिए पूरी तरह उपयुक्त नहीं हैं।
यह मुद्दा अब राजनीतिक रूप ले चुका है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी लगातार केंद्र सरकार को घेर रही हैं। वहीं, पिछले सप्ताह नितिन गडकरी ने ई-20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक और मानहानिकारक जानकारी फैलाने के आरोप में मेटा, गूगल, एक्स समेत कई प्लेटफॉर्म के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में दीवानी मुकदमा दायर किया था।
इसी बीच कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी सोशल मीडिया पर गडकरी के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि उपभोक्ताओं की ओर से कम माइलेज और इंजन से जुड़ी समस्याओं की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।