नागपुर में डेटोनेटर बरामदगी से खुली बड़ी खामी, ट्रैकिंग सिस्टम पर उठे सवाल

Photo Source : Google

Posted On:Wednesday, April 8, 2026

नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में 58 डेटोनेटर और 15 जिंदा कारतूस बरामद होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना ने यह उजागर किया है कि विस्फोटक उपकरणों, खासकर डेटोनेटर की ट्रैकिंग के लिए अभी भी प्रभावी सिस्टम की कमी है।

जानकारी के मुताबिक, PESO ने विस्फोटकों की निगरानी के लिए बारकोड सिस्टम विकसित किया है, जिससे उनके निर्माण से लेकर अंतिम उपयोग तक की जानकारी ट्रैक की जा सकती है। हालांकि, डेटोनेटर में इस्तेमाल होने वाले संवेदनशील पदार्थ के कारण उन पर बारकोड लगाना जोखिम भरा माना जाता है, जिससे यह सिस्टम उन पर लागू नहीं हो पाता।

यही वजह है कि डेटोनेटर की आवाजाही को ट्रैक करने में बड़ी खामी बनी हुई है, जिसका फायदा असामाजिक तत्व उठा सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, नागपुर में बरामद डेटोनेटर पर कोई बारकोड नहीं था, जिससे उनके स्रोत और उपयोगकर्ता का पता लगाना मुश्किल हो गया है।

इस समस्या को देखते हुए PESO लगातार इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहा है। इन डेटोनेटर में चिप लगी होती है और इन्हें एक विशेष डिवाइस (लॉगर) के जरिए ही सक्रिय किया जा सकता है, जो “लॉक-एंड-की” सिस्टम की तरह काम करता है। इससे इनका गलत इस्तेमाल रोकने और ट्रैकिंग आसान होने की उम्मीद है, हालांकि अभी इनका उपयोग व्यापक स्तर पर शुरू नहीं हो पाया है।


नागपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. nagpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.