नागपुर न्यूज डेस्क: नागपुर में एक शख्स और आईएएस अधिकारी के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इसमें शख्स ने अधिकारी से सवाल किया कि आखिर उनसे मिलने के लिए अपॉइंटमेंट लेना क्यों जरूरी है? उसने कहा कि सरकारी अधिकारी जनता की सेवा के लिए होते हैं, उन्हें आम लोगों से मिलने के लिए इस तरह की शर्तें नहीं रखनी चाहिए, जैसे किसी निजी कंपनी के बड़े अधिकारी से मिलने के लिए रखी जाती हैं।
यह वीडियो जन बदलाव पार्टी के संस्थापक यश गोरखेड़े ने फेसबुक पर शेयर किया है। वीडियो में आईएएस अधिकारी कॉन्फ्रेंस टेबल पर बैठे नजर आते हैं। इसी दौरान वह यश से पूछते हैं कि क्या उन्होंने उनसे मिलने के लिए पहले से समय लिया था? इस पर यश जवाब देते हैं, "कैसा अपॉइंटमेंट? आप जनता के सेवक हैं, किसी निजी कंपनी के एचआर नहीं। इसीलिए तो मैं बाहर खड़ा था।"
यह पूरा मामला मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन से जुड़ा है। यश गोरखेड़े ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हुए विरोध के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी और ठेकेदार मजदूरों को परेशान कर रहे हैं। उनका कहना है कि मजदूरों की मांग सुनने के बजाय उनके हक की आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।
यश ने पोस्ट में लिखा कि जन बदलाव पार्टी मजदूरों को उचित मजदूरी, सम्मान और न्याय दिलाने की लड़ाई में उनके साथ है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की आवाज दबने नहीं दी जाएगी और जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा।
वीडियो सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने यश के सवाल उठाने के तरीके की तारीफ की। एक यूजर ने कहा कि सरकारी अधिकारियों को ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए, मानो जनता उनकी मालिकाना हक वाली चीज हो। वहीं, कुछ लोगों ने सरकारी अधिकारियों और पुलिस विभाग के सामने बेबाकी से अपनी बात रखने के लिए उनके आत्मविश्वास की सराहना की। एक अन्य यूजर ने भी लोगों से जरूरतमंदों के हक में आगे आने की अपील की।